Friday, 3 April 2015

Only You

हम अक्सर  मिलते हैं अंधेरों में ,
और मैने जाना हैं की
तुम , हाँ हाँ , तुम ,
ज़ेहर खूबसूरत हो। 

इंटेंस हो ,
बहुत कॉम्प्लेक्स हो ,
और तुम्हे बारीकी से सुलझाने का जी करता है। 

तुम इस दुनिया से परे  हो ,
हाँ ,मतलब, देखो न ,
तुम्हे छिपकलियां सुन्दर लगती हैं
और तुम समय को रोक देना चाहते हो ,

ये तुम्हारे शब्द ऐसे हैं जैसे कोहरे वाली ठण्ड में बर्फ ,
मैं सुन्न पड़  जाती हूँ,
तुम  रंगीन हो , बहुत रंगीन ,
और  मैं  जानती हूँ  तुम इस काली दुनिया को रंग दोगे...

अलग हो , बेख़ौफ़ हो , 



1 comment:

  1. Woaahh.
    I haven't been more speechless Malvika Singh. Adore this.

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