शौहर के नाम से मुझे खौफ आता है ,
बच्चे ज़िम्मेदारी लगते हैं जो मैं उठाना नहीं चाहती ,
गाडी बंगला मुझे लुभाते नहीं ,
दुनियादारी कुछ ख़ास समझ आती नहीं
बस खुली राहों पर नंगे पाँव चलने को जी करता है
बेपरवाह , बेबाक सा
एक ऐसे पते की तलाश में ,
जहां कला को मिले पनाह और जूनून की हो फ़तेह.......
बच्चे ज़िम्मेदारी लगते हैं जो मैं उठाना नहीं चाहती ,
गाडी बंगला मुझे लुभाते नहीं ,
दुनियादारी कुछ ख़ास समझ आती नहीं
बस खुली राहों पर नंगे पाँव चलने को जी करता है
बेपरवाह , बेबाक सा
एक ऐसे पते की तलाश में ,
जहां कला को मिले पनाह और जूनून की हो फ़तेह.......
Oyyyyy hoyyyyyy
ReplyDeleteMallluuuuu kya baat ...... Chha gye tussi to